Iran-US War: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा को ईरान के मुद्दे पर जमकर कोसा है। उन्होंने कहा कि बराक हुसैन ओबामा ने ईरान को 1.7 अरब डॉलर नकद हरे-हरे नोट दिए। उन्होंने वर्जीनिया, डीसी और मैरीलैंड की बैंकों से वो सारा नकद निकाला। उन्होंने हवाई जहाजों से वो पैसा भेजा, ताकि उनकी इज्जत और वफादारी खरीद सकें, लेकिन ये काम नहीं किया। बावजूद ईरान ने हमारे राष्ट्रपति का मजाक उड़ाया और अपने परमाणु बम बनाने के मिशन को जारी रखा। ओबामा की ईरान डील ईरान को भारी मात्रा में परमाणु हथियारों का विशाल भंडार दे देती, लेकिन हमने इस न्यूक्लियर डील को खत्म कर दिया।
हमने पहले कार्यकाल में ईरानी जनरल सुलेमानी को माराः ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान ने परमाणु हथियारों की खोज को बढ़ावा दिया। मगर सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि मैंने अपने पहले कार्यकाल में ईरान के जनरल कासेम सुलेमानी को मार गिराया। वह एक शैतानी जीनियस था, एक प्रतिभाशाली व्यक्ति, लेकिन एक भयानक इंसान था। वह सड़क किनारे बम बनाने का जनक था...और वह जो कुछ भी करता था, वह भयानक था। अगर वह जिंदा होता तो शायद ईरान आज कहीं ज्यादा बेहतर और मजबूत स्थिति में होता और आज रात हमारी बातचीत शायद अलग होती, लेकिन आप जानते हैं क्या? हम तब भी जीत रहे होते और बहुत बड़ी जीत हासिल कर रहे होते।
मैं नहीं होता तो इजरायल और मिडिल-ईस्ट नहीं होतेः ट्रंप
ट्रंप ने कहा कि अगर मैं अपने पहले कार्यकाल में ये सब नहीं करता तो वे सालों पहले ही परमाणु बम हासिल कर चुके होते और उनका इस्तेमाल भी कर चुके होते। दुनिया पूरी तरह अलग होती। अगर मैंने उस भयानक डील को खत्म न किया होता तो मेरी और कई महान विशेषज्ञों की राय में आज मध्य पूर्व नहीं होता और इजरायल भी नहीं होता। मैंने उसे खत्म करके बहुत सम्मानित महसूस किया। मुझे इस पर बहुत गर्व था। वो शुरुआत से ही बहुत खराब था। मैंने वो काम किया जो कोई और राष्ट्रपति करने को तैयार नहीं था। उन्होंने गलतियाँ कीं और मैं उन्हें सुधार रहा हूं। मेरा पहला
हमने ईरान के हथियारों को पूरी तरह खत्म कर दिया
ट्रंप ने कहा कि मैंने वो किया जो कोई और राष्ट्रपति करने को तैयार नहीं था। उन्होंने गलतियां कीं और मैं उन्हें ठीक कर रहा हूँ। मेरा पहला पसंदीदा रास्ता हमेशा शांति का था। वह हथियार जिनके बारे में किसी को विश्वास नहीं था कि उनके (ईरान के) पास हैं। हमने अभी-अभी जाना, और हमने उन्हें निकाल लिया। हमने उन्हें पूरी तरह से खत्म कर दिया, ताकि कोई उन्हें रोकने की हिम्मत भी न कर सके। वे परमाणु बम, परमाणु हथियार की दौड़ में थे, ऐसा हथियार जैसा पहले कभी किसी ने नहीं देखा। वे द्वार पर ही थे। कई सालों से सब कहते रहे कि ईरान को परमाणु हथियार नहीं मिलने चाहिए, लेकिन अंत में ये सिर्फ शब्द हैं अगर आप समय आने पर कार्रवाई करने को तैयार नहीं हैं।